गाय को राष्ट्रीय गौ माता घोषित करने की मांग, मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद ने सौंपा ज्ञापन
June 12, 2026
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खरगोन निप्र। मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद द्वारा गाय को राष्ट्रीय गौ माता घोषित करने एवं सशक्त गोवंश संरक्षण कानून पारित करने की मांग को लेकर प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यहां कलेक्टर कार्यालय में डिप्टी कलेक्टर प्रताप अगास्या को सौंपे गए ज्ञापन में परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रही है। गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए देशभर में एक प्रभावी और सख्त कानून बनाया जाना चाहिए, जिससे गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद अजीजुद्दीन शेख, परिषद के खरगोन जिला अध्यक्ष अब्दुल रहीम खान, पार्षद शकील खान, समाजसेवी इरफान शेख, पत्रकार अबरार शेख, पार्षद प्रतिनिधि अल्ताफ खान, हाजी फारुख खान एवं सामाजिक कार्यकर्ता रिंकू नेता मौजूद थे। परिषद के प्रतिनिधियों ने बताया कि गाय केवल एक धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और ग्रामीण विकास से भी जुड़ी हुई है। इसलिए केंद्र सरकार गाय को राष्ट्रीय गौ माता का दर्जा प्रदान करे तथा गौवंश संरक्षण के लिए मजबूत कानून लागू करे।
परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शेख ने कहा कि समाज में सद्भाव, भाईचारा और पशु संरक्षण की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्य सरकार जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर सकारात्मक विचार करे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद अजीजुद्दीन शेख, परिषद के खरगोन जिला अध्यक्ष अब्दुल रहीम खान, पार्षद शकील खान, समाजसेवी इरफान शेख, पत्रकार अबरार शेख, पार्षद प्रतिनिधि अल्ताफ खान, हाजी फारुख खान एवं सामाजिक कार्यकर्ता रिंकू नेता मौजूद थे। परिषद के प्रतिनिधियों ने बताया कि गाय केवल एक धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और ग्रामीण विकास से भी जुड़ी हुई है। इसलिए केंद्र सरकार गाय को राष्ट्रीय गौ माता का दर्जा प्रदान करे तथा गौवंश संरक्षण के लिए मजबूत कानून लागू करे।
परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शेख ने कहा कि समाज में सद्भाव, भाईचारा और पशु संरक्षण की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्य सरकार जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर सकारात्मक विचार करे।