महिला कांग्रेस ने खरगोन में किया उग्र प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
“भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग मिलकर कर रहे हैं लोकतंत्र का गला घोटने का काम”: महिला कांग्रेस
दैनिक सच की जय हो
खरगोन ब्यरो
सतीश गांगले
खरगोन।प्रदेश महिला कांग्रेस के आह्वान पर जिला महिला कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों और आरोपों के समर्थन में एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा करने की पुरजोर मांग की गई।
संविधान और लोकतंत्र पर लगातार हमले का आरोप
सौंपे गए ज्ञापन में महिला कांग्रेस नेताओं ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र में जब से भाजपा की सरकार बनी है, वह लगातार लोकतंत्र और संविधान के ऊपर हमला करती आ रही है। अब तो स्थिति यह हो गई है कि केंद्र की भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग मिलकर देश में लोकतंत्र का गला घोट रहे हैं और संविधान में बदलाव करना चाहते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार विपक्षी पार्टियों को तोड़ा जा रहा है और उनके सांसद व विधायकों को लालच या दबाव में भाजपा में शामिल कर लोकतांत्रिक मूल्यों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर जताया आक्रोश
प्रदर्शनकारियों ने मध्य प्रदेश का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार और वरिष्ठ नेता सुश्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन केंद्र की भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग ने एक सोची-समझी साजिश के तहत निरस्त कर दिया है।
”एक तरफ भाजपा सरकार और उसके प्रधानमंत्री ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और ‘लाडली बहना’ की दुहाई देते हैं, वहीं दूसरी तरफ एक कर्मठ और ईमानदार महिला नेता का नामांकन साजिश के तहत निरस्त कर दिया जाता है। सरकार और निर्वाचन आयोग का यह कदम पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और महिला विरोधी है।”
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
महिला कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि:
देश में लोकतंत्र की निष्पक्ष रक्षा की जाए।
साजिश के तहत विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त करने के सिलसिले को तुरंत बंद किया जाए।
विपक्ष की पार्टियों में हो रही अनैतिक तोड़फोड़ पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि देश संविधान के तय मापदंडों पर चल सके।
नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान पर मौजूदा सरकार ने चोट करना बंद नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी की महिलाएं सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी।
प्रदर्शन में यह रहीं मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से पार्षद अरुणा उपाध्याय, पार्षद श्रीमती लक्ष्मी मोरे, सरिता भावसार, सुभद्रा हिरवे, फरीदा खान, परवीन अब्बास, शहनाज खान, सलमा शेख, खुलशित, रजिया खान, शहजादी खान, और सरिता अटोरे सहित बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस की पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थीं।