तेज रफ्तार बर्मन बस ने खड़ी कार को मारी जोरदार टक्कर, बाल-बाल बचा चालक; मामला दर्ज
सेगांव/ऊन (खरगोन): तेज रफ्तार और लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने वाले चालकों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे कई परिवार उजड़ रहे हैं। ताजा मामला सेगांव चौकी (थाना ऊन, जिला खरगोन) के अंतर्गत आने वाले खरगोन-जुलवानिया रोड का है, जहां एक तेज रफ्तार बस ने सड़क किनारे खड़ी कार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. घटना को लेकर पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
खड़ी गाड़ी को मारी कट, बाल-बाल बचे नर्सिंग ऑफिसर
पुलिस FIR (क्रं. 0177/2026) के अनुसार, घटना गुरुवार, दिनांक 11.06.2026 को शाम करीब 4:00 बजे की है। फरियादी अजय पिता जयंतीलाल पाटीदार (उम्र 36 वर्ष), जो कि सेगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर पदस्थ हैं, ड्यूटी के बाद अपने घर जा रहे थे। रास्ते में सेगांव कुंदन डॉक्टर के घर के पास, उन्होंने अपनी स्विफ्ट डिजायर कार (क्रमांक MP-13-HA-9235) को साइड में खड़ी की और अपने मित्र विक्रम गुप्ता से बातचीत करने लगे।
इसी दौरान जुलवानिया की तरफ से आ रही बर्मन बस (क्रमांक MP-46-ZF-4005) के चालक ने तेजी और लापरवाही से वाहन चलाते हुए कार के पिछले हिस्से में जोरदार कट मार दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला बम्पर, बोनट और टायर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। कार चालक अजय ने बताया कि वे और उनके मित्र समय रहते हट गए, अन्यथा बड़ी अनहोनी हो सकती थी। दुर्घटना के बाद बस चालक कुछ देर रुका और फिर बस लेकर खरगोन की तरफ भाग निकला।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 में मामला दर्ज
घटना के बाद फरियादी ने सेगांव पुलिस चौकी पहुंचकर मामले की मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बर्मन बस के चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) के तहत अपराध क्रमांक 0462026 दर्ज कर लिया है। मामले की जांच कार्यवाहक प्रधान आरक्षक (Officiating Head Constable) अनिल खेडकर (नंबर 139) को सौंपी गई है।
जनता में आक्रोश: कब लगेगा बेलगाम बसों पर अंकुश?
इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में आरटीओ (RTO) विभाग और यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब भी कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो आरटीओ विभाग कुछ दिनों के लिए दिखावे की कठोर कार्रवाई करता है, लेकिन बाद में फिर वही ढर्रा चालू हो जाता है। इन रसूखदार बस मालिकों और बेलगाम चालकों पर कब स्थायी अंकुश लगेगा, ताकि निर्दोष राहगीर इन गलतियों का शिकार न हों?